ओपन पोल्ट्री शेड को EC (Environmentally Controlled) शेड में कैसे बदलें? – पोल्ट्री ज़ोन (Poultry Zone)

ओपन पोल्ट्री शेड को EC (Environmentally Controlled) शेड में कैसे बदलें? – पोल्ट्री ज़ोन (Poultry Zone)
​क्या आप अपने ओपन पोल्ट्री शेड में मौसम के बदलते मिजाज, मुर्गियों की बीमारी और बढ़ती मृत्यु दर (mortality) से परेशान हैं? अगर हाँ, तो अब वक्त आ गया है कि आप आधुनिक तकनीक को अपनाएं और अपने ओपन शेड को EC (Environmentally Controlled) शेड में बदलें।


​पोल्ट्री ज़ोन (Poultry Zone) आज आपको बताएगा कि कैसे एक सामान्य शेड को हाई-टेक EC शेड में बदलकर आप अपना मुनाफा दोगुना कर सकते हैं।


​EC शेड क्यों ज़रूरी है?


​एक ओपन शेड में तापमान और हवा का बहाव पूरी तरह से कुदरत पर निर्भर होता है। गर्मी में लू और सर्दी में ठंड से पक्षियों का विकास (growth) रुक जाता है। वहीं, EC शेड में तापमान, आर्द्रता (humidity) और हवा का प्रवाह पूरी तरह से आपके कंट्रोल में होता है। इससे पक्षी तनाव मुक्त रहते हैं और उनका वजन तेजी से बढ़ता है।


​ओपन शेड को EC शेड में बदलने की प्रक्रिया (Conversion Process)


​पोल्ट्री ज़ोन के अनुसार, कंवर्जन के लिए इन मुख्य बदलावों की ज़रूरत होती है:


​1. शेड को पूरी तरह सील करना (Air Tight Sealing)


​EC शेड का सबसे पहला नियम है—’एयर टाइट’ होना।
​साइड की दीवारें: जाली वाली दीवारों को हटाकर या उन्हें मोटी प्लास्टिक शीट/तिरपाल (Curtains) से पूरी तरह ढकना पड़ता है ताकि बाहर की हवा अंदर न आए।
​इंसुलेशन (Insulation): छत के नीचे फोम या थर्माकोल की ‘फॉल सीलिंग’ (False Ceiling) की जाती है। यह बाहर की गर्मी को शेड के अंदर आने से रोकती है और अंदर की ठंडक बनाए रखती है।


​2. कूलिंग पैड्स और एग्जॉस्ट फैन्स (Cooling Pads & Exhaust Fans)


​कूलिंग पैड: शेड के एक तरफ सेल्युलोज कूलिंग पैड लगाए जाते हैं। जब हवा इन गीले पैड्स से गुजरती है, तो वह ठंडी हो जाती है।
​एग्जॉस्ट फैन: शेड के दूसरी तरफ बड़े एग्जॉस्ट फैन (Cone Fans) लगाए जाते हैं जो अंदर की गर्म हवा और अमोनिया गैस को बाहर खींच लेते हैं। इससे शेड में ‘टनेल वेंटिलेशन’ (Tunnel Ventilation) बनता है।


​3. ऑटोमैटिक कंट्रोलर (Automatic Controller)


​यह EC शेड का दिमाग होता है। यह सेंसर की मदद से शेड के अंदर का तापमान मापता है और ज़रूरत के हिसाब से फैन्स और मोटर को अपने आप चालू या बंद करता है। आपको बार-बार स्विच दबाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।


​4. पावर बैकअप (Power Backup)


​EC शेड पूरी तरह बिजली पर निर्भर है। अगर 15-20 मिनट के लिए भी बिजली चली जाए और जनरेटर न हो, तो मुर्गियों की जान को खतरा हो सकता है। इसलिए एक अच्छा जनरेटर (DG Set) होना अनिवार्य है।
​EC शेड में बदलने के फायदे (Benefits with Poultry Zone)
​बेहतर FCR (Feed Conversion Ratio): सही तापमान मिलने पर मुर्गियां कम दाना खाकर भी ज़्यादा वजन देती हैं।
​अधिक डेंसिटी (High Density): आप उसी शेड में ओपन शेड के मुकाबले 20-30% ज़्यादा पक्षी रख सकते हैं।
​बीमारी और मृत्यु दर में कमी: बाहर की हवा और पक्षियों से संपर्क न होने के कारण बायो-सिक्योरिटी (Bio-security) मज़बूत होती है।
​साल भर उत्पादन: चाहे मई की गर्मी हो या जनवरी की सर्दी, आप साल के 365 दिन फार्मिंग कर सकते हैं।
​निष्कर्ष
​ओपन शेड को EC शेड में बदलना एक खर्च नहीं, बल्कि एक निवेश है जो आपको लंबे समय तक बेहतर रिटर्न देता है। सही जानकारी और सही उपकरणों के साथ पोल्ट्री ज़ोन (Poultry Zone) आपके पोल्ट्री व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है।
​आज ही अपने शेड को अपग्रेड करें और स्मार्ट फार्मिंग की शुरुआत करें!

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